हस्ताक्षर
यह मेरा हस्ताक्षर
मेरे अस्तित्व का कानूनी प्रमाण
और उधर मेरी हस्तरेखा
भविष्य और वर्तमान के बीच
ढूंढती है एक
अनजाना सेतु
दूसरों को मेरी पहचान कराता
मेरा हस्ताक्षर
मुझसे ही दूर चला जाता है
कभी मुझे ही छलता, अक्सर बदल जाता
मुझे ही झूठा बना जाता है
मेरा ही रचा मेरी असलियत का
गवाह बन जाता है
गवाह बन जाता है
और हस्तरेखाये कैद कर देती हैं मुझे
ग्रहीय गणित के समीकरण में
हस्ताक्षर और हस्तरेखा
अद्वितीय दोनों ही हैं
पर जिसके प्रतिनिधि हैं ये
वह कितना आम है
हर शहर, हर गली,
हर गांव में है
कैसी कला है
अद्वितीय बुनियाद पर
डुप्लिकेट ही बना पाती है
हस्ताक्षर और हस्तरेखा की
अद्वितीयता के बावजूद
एक भीड बनती है
और बढती चली जाती है.