Thursday, February 16, 2012

अद्वितीय


 
  हस्ताक्षर
 

यह मेरा हस्ताक्षर

मेरे अस्तित्व का कानूनी प्रमाण

और उधर मेरी हस्तरेखा

भविष्य और वर्तमान के बीच

ढूंढती  है एक अनजाना सेतु

दूसरों को मेरी पहचान कराता

मेरा हस्ताक्षर

मुझसे ही दूर चला जाता है

कभी मुझे ही छलता, अक्सर बदल जाता

मुझे ही झूठा बना जाता है

मेरा ही रचा मेरी असलियत का
गवाह बन जाता है

और हस्तरेखाये कैद कर देती हैं मुझे

ग्रहीय गणित के समीकरण में

हस्ताक्षर और हस्तरेखा

अद्वितीय दोनों ही हैं

पर जिसके प्रतिनिधि हैं ये

वह कितना आम है

हर शहर, हर गली,

हर गांव में है

कैसी कला  है

अद्वितीय बुनियाद पर

डुप्लिकेट ही बना पाती है

हस्ताक्षर और हस्तरेखा की

अद्वितीयता के बावजूद

एक भीड बनती है

और बढती चली जाती है.

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